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Shimla, Himachal Pradesh, India
Son of Shri Shardha Nand; born at Shimla, March 15, 1952; B.Sc., LL.B; Actively involved in student movement during college days; National Secretary, ABVP, 1973-74; jailed on several occasions particularly during the Emergency, 1975-77; elected President. Himachal Pradesh Bhartiya Janata Yuva Morcha (B.J.Y.M.); National Treasurer, B.J.Y.M., 1987-88; Secretary, Pradesh Bhartiya Janata party, 1982-83; Vice-President, B.J.P. Himachal Pradesh; and President, State Bhartiya Janata Party, 2003-06. President, Shimla Bar Association; Senior Central Govt. Standing Counsel, H.P. High Court; Member: State Transport Authority, 1979-80, ii) Executive Council, H.P.U., 1990-93, iii) State Grievances Committee, 1998-2002, iv) State High Powered Committee for Reviewing Land Reforms and Land Revenue Laws, 1998-2002; Director: State Cooperative Marketing Board, Shimla, 1984-93, ii) H.P. State Cooperative Bank, Shimla 1990-92; Chairman: Super Bazzar Shimla, 1991-92. Elected to State Legislative Assembly in 1990; Elected to Rajya Sabha in 2002 Returned to the State Legislative Assembly in December 2007.

Saturday, September 11, 2010

हिमाचल प्रदेश में सेंट्रल यूनिवर्सिटी के लिए पहल

राज्यसभा में स्पेशल मेंशन  
हिमाचल में सेन्ट्रल युनिवर्सटी खोलने के लिए आवाज़ उठायी 

SPECIAL MENTIONS
THE VICE-CHAIRMAN (PROF. P.J. KURIEN): We shall now take up
Special Mentions. I will read the names of Members and they should lay the
statements on the Table of the House.
Demand for a central university in Himachal Pradesh


श्री सुरेश भरद्वाज( हिमाचल प्रदेश ): महोदय, हिमाचल प्रदेश देश का एक छोटा सा पर्वतीय प्रदेश है!जो अपने मनमोहक प्राकृतिक सौंदर्य के लिए पूरे विश्व में विख्यात है! इस प्रदेश की जनता ईमानदार मेहनती और शांतिप्रिय है!  १९४८ में लोह पुरुष सरदार पटेल की दूरदर्शिता के कारण छोटे -२ ६० रियासतों मिला कर हिमाचल प्रदेश का गठन हुआ था! और १९६६ में पुनजब के गठन के समय कुछ पहाड़ी इलाको को इसमें मिलाया गया!१९७१ में इसे पूर्ण राज्य का दर्ज़ा  प्राप्त  हुआ!  अज प्रदेश एक प्रगतिशील प्रदेश है ! 
शिक्षा के ख्शेत्र में प्रदेश अग्रणी राज्य है लेकिन संसाधनों की कमी के कारण इसके विकास की गति धीमी है! प्रदेश का एकमात्र विश्वविद्यालय शिमला में है लेकिन यह प्रदेश के कई इलाको से बहुत दूर है! जिस कारण प्रदेह के दूर दराज़ इलाको के बच्चे  उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते है! हिमाचल भी उत्तर पूर्वी राज्यों की तरह संसाधन विहीन है! उन सभी राज्यों में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना हो चुकी है!में सरकार से पुरज़ोर आग्रह करता हूँ की हिमाचल के धर्मशाला में प्रदेश की भौगौलिक परिस्थितियों को देखते हुए केंद्रीय विश्वविध्यालय की स्थापना की जाए!
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